देवशयनी एकादशी पर बुधवार को नमामि गंगे के सदस्यों ने भगवान आदिकेशव की आरती उतार कर जन कल्याण की कामना की। श्री हरि को प्रिय तुलसी जी के पौधे का वितरण करके पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाई। आदिकेशव घाट पर सफाई अभियान चलाया। देश में सुख-समृद्धि व गंगा निर्मलीकरण की गुहार लगाकर आदिकेशव को फल व मिष्ठान का भोग लगाया। भगवान विष्णु के योग निद्रा में जाने और चातुर्मास के प्रारंभ होने के दिन श्रीहरि व मां लक्ष्मी की उपासना की गई। मंदिर परिसर में ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः, आरती कुंज बिहारी की श्री गिरधर कृष्ण मुरारी की, ॐ जय जगदीश हरे की गूंज रही।