पीडीडीयू नगर में जन्म लेने से लेकर मृत्यु होने तक हम सभी उपभोक्ता हैं। कुछ लोग अनुचित लाभ कमाने के लिए नियम विरूद्ध काम करते हैं। उपभोक्ताओं को स्वयं भी जागरूक होना होगा तभी ठगी से बचाव हो सकेगा। जिम्मेदार अधिकारियों को भी उपभोक्ताओं के हित में उचित कदम उठाने की जरूरत है। ये बातें अपर जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह चहल ने राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस पर नगर के गुरुद्वारा परिसर में आयोजित गोष्ठी में कहीं। उपभोक्ता कल्याण परिषद समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में एडीएम सुरेन्द्र सिंह चहल ने कहा कि यदि हम जागरूक होंगे तभी हम सुरक्षित रहेंगे। उपभोक्ताओं के हित के लिए अनेक कानून बने हैं। जरूरत है इसके पालन की। न सिर्फ खान पान बल्कि दवाइयों में भी मिलावट हो रही है। इसका असर हम सभी पर हो रहा है। इसके लिए अधिकारियों को भी सजग होकर कार्रवाई करने जरूरत है। समिति के प्रदेश सचिव और सीसीआई प्रदेश उपाध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने कहा कि मोर्चा अध्यक्ष ने कहा कि उपभोक्ताओं के अधिकारों की संरक्षण के लिए 24 दिसंबर 1986 में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम प्रभावी हुआ है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अनुसार सुरक्षा, सूचना, विकल्प, कहना, शिकायत और निवारण उपभोक्ता अधिकार के साथ ही साथ छह अधिकार मिले हैं। हम सभी को यह दिन भारतीय उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के लागू होने की सालगिरह के रूप में मनाया जाता है, इसका मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। सहायक नियंत्रक बाट माप विभाग वाराणसी मंडल अशोक कुमार, जिला आपूर्ति अधिकारी मनीष विक्रम, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी केएन त्रिपाठी ने भी उपभोक्ताओं के अधिकार और ठगी होने पर इसकी शिकायत कैसे करें आदि की जानकारी दी।