नागरी नाटक मंडली का मंच मालिनी के सुरों और अवंतिका के तबले की थाप का गवाह बन गया। शास्त्रीय संगीत की विभूतियों विदुषी सविता देवी और ठुमरी साम्राज्ञी सिद्धेश्वरी देवी के सम्मान में आयोजित दो दिवसीय संगीत श्रद्धांजलि के अंतिम दिन शिष्यों व कलाकारों ने सुर और संगीत की स्वरांजलि अर्पित की।