संकट मोचन संगीत समारोह की दूसरी निशा पर चौथी प्रस्तुति कौशिकी चक्रवर्ती व सहयोगी कलाकारों ने दी। इस दौरान कौशिकी ने आओगे जब तुम ओ साजना, अंगना फूल खिलेंगे, कई सावन बरस गए साजना गाकर आधी रात श्रोताओं की नींद को ही विश्राम दे दिया। तालियों की जोरदार गड़गड़ाहट से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा।