नहाय खाय के साथ ही महिलाओं ने संतान की दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य के लिए जीउतिया व्रत की शुरुआत कर दी। शुक्रवार को व्रती महिलाएं निर्जला व्रत रखकर जीउतिया के अनुष्ठान को पूर्ण करेंगी। गंगा तट और शहर के सभी कुंडों पर महिलाएं एकजुट होकर जीउतिया की कथा सुनकर पूजन करेंगी।