पाकिस्तानी मूल के लेखक और स्वीडिश राजनीति शास्त्री प्रो. इश्तियाक अहमद ने कहा कि लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता की बुनियाद पर खड़ा भारत दुनिया के लिए आदर्श है। महात्मा गांधी ने मजहब का इस्तेमाल हिंदू-मुसलमान को करीब लाने के लिए किया, लेकिन जिन्ना ने मजहब का इस्तेमाल उन्हें अलग करने के लिए किया। जिन्ना का प्रयास नकारात्मक था। गांधी के मजहब का इस्तेमाल उच्च मूल्यों पर आधारित थे। हिंदुस्तान से बदले की आग में पाकिस्तान ने खुद को बर्बाद कर लिया है।