गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण शवदाह करने वालों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिले के छह श्मशान घाट पानी में समा गए हैं और दो पर ही शवदाह हो रहा है। मणिकर्णिका घाट पर शवदाह के लिए घुटने भर पानी में खड़े होकर पांच घंटे तो वहीं हरिश्चंद्र घाट पर गलियों में शवदाह की जगह कम होने के कारण ढाई से तीन घंटे इंतजार करना पड़ रहा है। अंतिम संस्कार के लिए अब दो से तीन गुना ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है।