ढाक की मधुर लय से ताल मिलाते कदम, हाथों और सिर पर धुनुची। हरसुंदरी धर्मशाला में मां दुर्गा की प्रतिमा के सामने नृत्य करतीं महिला श्रद्धालु ढाक की थाप जैसे-जैसे बढ़ती गईं, पैरों की थिरकन भी तेज होती गई। शारदीय नवरात्र की नवमी पर शहर के बंगीय पंडालों के साथ ही अधिकांश जगहों पर धुनुची नृत्य हुआ।