प्रकृति से संतुलन साधने के महापर्व पर नमामि गंगे ने भगवान सूर्य की उपासना करके जनमानस से प्रकृति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण की गुहार लगाई। सूर्यषष्ठी लोकपर्व पर समस्त विश्व को जागृति देने वाले सूर्यदेव, छठ माता व मां गंगा की आरती उतार कर संपूर्ण विश्व के लिए खुशहाली की कामना की। नमामि गंगे टीम के सदस्यों ने मणिकर्णिका घाट पर उपस्थित हजारों नागरिकों को स्वच्छता का संकल्प दिलाया। उगते सूर्य को अर्घ्य देने के पश्चात लोगों द्वारा गंगा तट पर छोड़े गए निर्माल्य को समेटा गया, ताकि वह गंगा में न जाने पाए।