आकाशीय पिंडों के बीच भगवान राम में जब मां शक्ति अंतर्ध्यान हुईं तो हजारों तालियों की गड़गड़ाहट पांच मिनट तक थमी ही नहीं। बीएचयू के स्वतंत्रता भवन सभागार में काशी शब्दोत्सव की दूसरी शाम कवि निराला की रचना 'राम की शक्ति पूजा' पर हुई नाट्य प्रस्तुति ने 1000 से ज्यादा युवा दर्शकों को 60 मिनट तक अपने वश में करके रखा।