संकट मोचन संगीत समारोह की चौथी निशा में प्रस्तुति देने आए गजल गायक अनूप जलोटा ने पत्रकारों से बात की और कहा कि संकट मोचन का दरबार अद्भुत है। बिस्मिल्लाह खां ने यहां शहनाई बजाई और गुलाम अली ने गाया इसलिए संगीत और भक्ति में हिंदू, मुस्लिम नहीं होता। हमने लखनऊ में भजन गाया और लगा कि हनुमान जी बगल में बैठे हैं। अनूप जलोटा ने कहा कि यहां का हर श्रोता हनुमान जी का ही अंश है।