माहे रमजान के पहले बुधवार को 75 साल पुरानी इफ्तार की रवायत शहनाई के बादशाह उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के हड़हासराय स्थित पैतृक आवास पर निभाई गई। उस्ताद को शिद्दत से याद करते हुए रोजेदारों ने हर तरह की नेअमतों के साथ रोजा खोला। नमाज अदा की और खुदा का शुक्रिया अदा कर मुल्क में अमन-ओ-आमन की दुआएं मांगीं। इस दौरान उस्ताद का चर्चित नौहा भी पढ़ा गया।