आतंकियों से निपटने और पर्यटकों की सुरक्षा समेत आपातकालीन स्थिति में दक्षता की जांच को लेकर वाराणसी में एनएसजी और कमिश्नरेट पुलिस ने रविदास घाट पर मॉक ड्रिल किया। इस दौरान क्रूज पर हाईजैक और विस्फोट की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। धुआं उठते ही अलार्म बजा और विजिबिलिटी कम हुई। तत्काल एनएसजी कमांडो ने जल मार्ग से पहुंचकर क्रूज को घेरा। साथ ही आतंकियों को निष्प्रभावी करते हुए यात्रियों को सुरक्षित निकाला। घायलों के बचाव और प्राथमिक उपचार की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। वास्तविक परिस्थितियों जैसा माहौल तैयार कर धुआं, अलार्म और कम विजिबिलिटी का उपयोग किया गया ताकि अभ्यास अधिक चुनौतीपूर्ण हो सके।
एनएसजी और पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में कंटिंजेंसी काउंटर हाईजैक मॉक ड्रिल ऑन क्रूज लाइनर का आयोजन किया गया। पुलिस आयुक्त ने बताया कि संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य क्रूज हाईजैक जैसी संभावित आतंकवादी स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों की तैयारी, प्रतिक्रिया क्षमता व आपातकालीन समन्वय तंत्र का मूल्यांकन करना था।
ड्रिल में एनएसजी, जल पुलिस, पीएसी, अग्निशमन और आपदा प्रबंधन टीम सहित कई एजेंसियों ने भाग लिया। सभी एजेंसियों के बीच समन्वय, संसाधनों के उपयोग, संचार व्यवस्था और कमांड-कंट्रोल तंत्र की व्यापक समीक्षा की गई। पुलिस आयुक्त ने बताया कि सभी सुरक्षा इकाइयों के लिए वास्तविक परिस्थितियों में अपनी दक्षता परखने का महत्वपूर्ण अवसर है। अभ्यास के दौरान नागरिकों को लगातार आश्वस्त किया गया कि यह एक मॉक ड्रिल है और कोई खतरा नहीं है।