पंचायत सहायकों ने कलेक्ट्रेट में डीएम को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने एग्रीस्टैक डिजिटल क्रॉप सर्वे कार्य से मुक्ति की मांग की है। शासनादेश के मुताबिक खरीफ 2025 से ई-खसरा पड़ताल के तहत डिजिटल क्रॉप सर्वे का काम लेखपालों की जगह प्राइवेट सर्वेयर करेंगे। कृषि विभाग इन सर्वेयरों का चयन करेगा और मानदेय देगा। पंचायत सहायकों ने कहा कि उनके पास उचित क्षमता वाले स्मार्टफोन या जीपीएस मोबाइल नहीं हैं। वे ग्राम पंचायत सचिवालय में अकेले कर्मचारी हैं। फील्ड में जाने से सचिवालय का काम रुकेगा। सहायकों का कहना है कि एग्रीस्टैक क्रॉप सर्वे कृषि विभाग का काम है। यह पंचायती राज विभाग का नियमित कार्य नहीं है। प्रति गाटा प्रस्तावित राशि भी कम है। उन्होंने कई मांगें रखी हैं। इनमें उच्च गुणवत्ता वाले मोबाइल फोन की मांग शामिल है। साथ ही प्रोत्साहन राशि के बजाय निश्चित मानदेय की मांग की है। मानसून में खेतों में सर्वे के दौरान जंगली जानवरों और सांप-बिच्छू का खतरा है। इसलिए 10 लाख का बीमा और दुर्घटना में परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी मांगी है। दुर्गम क्षेत्रों में महिला पंचायत सहायकों की सुरक्षा पर भी चिंता जताई है। सहायकों का कहना है कि अन्य विभागों के काम से उनके मुख्य कार्य प्रभावित होते हैं।