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VIDEO : सराफा डकैती कांड: व्यापारी संगठनों में मची रार, श्रेय लेने के लिए संगठनों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू

सराफा डकैती कांड का खुलासा के बाद बुधवार को दो व्यापारी संगठन के प्रतिनिधि मंडलों ने डीजीपी से मिलकर उन्हें धन्यवाद दिया। इसके बाद से अन्य व्यापारी संगठनों की आपसी फूट सतह पर आ गई। एकता की दुहाई देने के बजाय सब अपनी अपनी ढपली अपना अपना राग अलापने लगे। किसी ने जल्दबाजी कहा तो किसी ने एकजुटता नहीं होने का ताना दिया। यह रार सोशल मीडिया पर मची तो शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। हर कोई व्यापारियों की आपसी रार पर तंज कस रहा है। सराफा व्यापारी भरत जी सोनी की दुकान पर 28 अगस्त को डकैती पड़ी थी। इसके बाद सभी व्यापारियों ने एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। इसके साथ ही बड़े संगठनों के व्यापारियों ने सोशल मीडिया पर संयुक्त व्यापार मंडल सुल्तानपुर का ग्रुप बना दिया। इस ग्रुप में करीब 150 से अधिक व्यापारियों को जोड़ा गया। इसमें सराफा समेत अन्य व्यापार मंडल के पदाधिकारी जोड़े गए है। ग्रुप में ही संघर्ष की योजना बनती व बिगड़ती थी। गत दिनों पुलिस ने जब डकैती कांड का खुलासा किया तो सारे व्यापारियों ने एक स्वर में पुलिस की जय-जयकार की। इसके बाद बुधवार को भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री रवींद्र त्रिपाठी व काउंसिल ऑफ उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरदार बलदेव सिंह ने अपने साथियों के साथ डीजीपी प्रशांत कुमार व एडीजी अमिताभ यश से मिलकर उनसे डकैती की घटना के खुलासे के प्रति आभार जताया। यहीं से ग्रुप में जुड़े विभिन्न संगठनों की विरोध प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई। व्यापारियों की इस मुलाकात के बाद सराफा व्यापारी ने ग्रुप पर अपनी प्रतिक्रिया दी। शहर में इस आरोप-प्रत्यारोप की चर्चा होने लगी। सराफा व्यापार मंडल के अध्यक्ष देवी प्रसाद सोनी ने कहा कि ज्वैलर्स का कोई प्रतिनिधि मंडल नहीं मिला है। सराफा व्यापार मंडल जब भी करेंगे आप सभी आमंत्रित होगे और भव्य कार्यक्रम होगा। जो भी जो कुछ कर रहें हैं वो उनका व्यक्तिगत निर्णय है। इसका सराफा व्यापार मंडल एवं स्वर्णकार समाज तथा नगर उद्योग व्यापार मंडल से कोई सरोकार नहीं है। रवींद्र जी आपको इतनी जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए थी सराफा व्यापार मंडल के कार्यक्रम का इंतजार करना चाहिए था। सबको सेंकनी होती है रोटी किराना व्यापार मंडल के अध्यक्ष आलोक सागर कसौधन का कहना है कि यही चरित्र है कि संयुक्त व्यापार मंडल सिर्फ नाम का होता है सबको अपनी रोटी सेंकनी होती है। जमीनी स्तर पर कोई नहीं है। हम सभी संगठन व्यापारी के सहयोग के लिए एक हुए थे न कि अपने अपने संगठन के नाम के लिए मगर अब सिर्फ यही होते दिख रहा है। व्यापारी हित में किसी से पूछकर नहीं करेंगे कार्य भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री रवींद्र त्रिपाठी ने कहा कि हमने जो किया है वह सही है हमें किसी से पू कर निर्णय नहीं लेना है जो हमारा संगठन निर्णय ले लेगा उसका हम लोग पालन करेंगे हम किसी के मातहत नहीं हैं। पीड़ित व्यापारी ने पुलिस कार्रवाई पर पूर्ण संतुष्टि जाहिर किया है। किसी अन्य को पीड़ा होने का कोई औचित्य नहीं है। जो अच्छा होगा उसे बेहतर ही कहा जाएगा। समय मिलने के बाद हमने पीड़ित व्यापारी भरत जी सोनी व अन्य व्यापारियों से चलने के लिए निवेदन किया था। जिस पर उन लोगों ने असमर्थता जताई और हमें जाने के लिए कहा। आपदा के समय एकजुट होंगे व्यापारी स्वर्णकार समाज के अध्यक्ष राजकुमार सोनी का कहना है कि संयुक्त व्यापार मंडल का जो सपना हम सभी ने मिलकर देखा है निश्चित तौर पर एक न एक दिन साकार जरूर होगा। अभी इसकी शुरुआत हुई है जब भी किसी व्यापारी पर कोई आपदा आएगी। निश्चित तौर पर संयुक्त व्यापार मंच सभी के लिए खड़ा होगा। आगे चलकर हम सभी व्यापार मंडल के पदाधिकारी मिलकर यह कोशिश करेंगे की संयुक्त व्यापार मंच का एक गठन जरुर हो।

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