सुल्तानपुर में विरसिंहपुर अस्पताल के प्रभारी सीएमएस का एक वीडियो सामने आया है। इसमें वे आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं से अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर बात करते हुए कह रहे हैं कि अगर अर्थी निकालनी है तो सरकार या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निकालें, उनकी या सीएमओ की क्यों? यह घटना तब हुई जब आप कार्यकर्ताओं ने अस्पताल की बदहाली पर प्रदर्शन किया। चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर समस्याएं ठीक नहीं हुईं, तो वे प्रभारी सीएमएस और सीएमओ की अर्थी विरसिंहपुर बाजार में निकालेंगे। इसके जवाब में प्रभारी सीएमएस डॉ. भास्कर ने यह टिप्पणी की। आप कार्यकर्ताओं ने अस्पताल में कई अव्यवस्थाएं गिनाईं। कहा कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा हफ्ते में केवल एक दिन उपलब्ध है। इसके लिए प्रभारी सीएमएस ने एडी के आदेश का हवाला दिया। कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि मरीजों को मुख्य पर्ची पर एक दवा लिखकर, बाकी 8-10 दवाएं अलग से एक 'खर्रे' पर दी जाती हैं। इनका कोई विकल्प अस्पताल में उपलब्ध नहीं होता। इसके अलावा, एक्स-रे और सीटी स्कैन जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं भी नदारद हैं। बातचीत के दौरान, प्रभारी सीएमएस ने कहा कि वे अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। अस्पताल के सीएमएस होने के नाते वे ही निर्णय लेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सीएमएस और सीएमओ के हाथ में सब कुछ नहीं है, और अस्पताल के 'गार्जियन' के तौर पर सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जिम्मेदारी बनती है।