सुल्तानपुर में लंभुआ एसडीएम की कार्यशैली से नाराज होकर आमरण अनशन पर बैठे किसानों ने शनिवार देर रात अनशन समाप्त कर दिया। एडीएम एफआर एस. सुधाकरन और एडिशनल एसपी अखंड प्रताप सिंह के आश्वासन पर यह अनशन खत्म हुआ। एडीएम ने किसानों को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। इससे प्रशासन ने राहत की सांस ली। हालांकि, किसानों का धरना अभी भी जारी है। भारतीय किसान यूनियन (हिंद) के पांच पदाधिकारी बुधवार से ही तहसील परिसर में अन्न-जल त्याग करके अनशन पर थे। इनमें संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रभात कुमार सिंह, जिलाध्यक्ष कमलेश वर्मा, अनुराग सिंह, देवतादीन यादव और बृजेन्द्र कुमार चौरसिया शामिल थे। शनिवार को चिकित्सकीय जांच में अनशनकारी किसानों का रक्तचाप और शुगर स्तर नीचे गिरने लगा था। इस कारण प्रभात कुमार सिंह और एक अन्य किसान को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दोपहर में कादीपुर एसडीएम उत्तम कुमार तिवारी, नायब तहसीलदार प्रांजल त्रिपाठी और सीओ सिटी प्रशांत सिंह ने किसानों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन किसान नहीं मानें। किसान नेता प्रभात सिंह ने बताया कि जॉइंट मजिस्ट्रेट गामिनी सिंगला का तानाशाही रवैया है। उन्होंने कहा कि वे 2022 से 2025 तक की कई समस्याओं को लेकर पत्र देने गए थे। पहले तो वह ज्ञापन लेने नहीं आईं और लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन किया। इसके बाद जिलाधिकारी को अवगत कराकर 250 किसानों ने पद यात्रा की। अधिकारियों की मध्यस्तता के बाद दूसरे दिन उन्होंने आक्रोश में आकर ज्ञापन लिया। किसानों का आरोप है कि समस्याओं के निस्तारण के बजाय उन्होंने किसानों को टारगेट करना शुरू कर दिया। देर रात अधिकारियों ने किसान नेताओं से डीएम से फोनिक वार्ता कराई। जिलाधिकारी ने किसानों को आश्वस्त किया है कि रविवार शाम 3 बजे के बाद किसान नेताओं के डेलिगेशन से मिलकर उनकी प्रत्येक जन समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता पर कराया जाएगा। जिसपर भारतीय किसान यूनियन आजाद हिंद के प्रदेश अध्यक्ष प्रभात सिंह एवं उनके संगठन के लोगों ने मिलकर यह निर्णय लिया कि हम अनशन तोड़ेंगे। लेकिन धरना जारी रहेगा जब तक जन समस्याओं का निस्तारण नहीं हो जाता।