सुल्तानपुर के मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां इलाज के दौरान आशा देवी की मौत हो गई। मृतका के भाई रंजीत ने स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है। कहा कि 14 जून की दोपहर 1 बजे उनकी बहन को पेट में तेज दर्द उठा। इस पर मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। वहां डॉक्टरों ने हालत ठीक बताते हुए वार्ड में शिफ्ट कर दिया। रात को मरीज की स्थिति सामान्य थी। अगली सुबह 8 बजे मरीज को फिर से तेज दर्द शुरू हुआ। मौके पर नर्स को बुलाया गया। नर्स ने एक इंजेक्शन लगाया। इसके बाद आशा की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने कई बार डॉक्टर को बुलाया। नर्स ने भी कई बार फोन किया, लेकिन डॉक्टर नहीं आए। जब मरीज की मृत्यु हो गई, तब डॉक्टर मौके पर पहुंचे। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कोतवाली नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। मामले में कार्रवाई की मांग की। सीएमएस डॉ. आरके मिश्रा ने कहा कि आरोप ग़लत हैं। डॉ. अविनाश ने महिला को जाकर देखा था। उसे कॉर्डिया की दिक्कत थी। कुछ दिन पहले भी उसे भर्ती कराया गया था। स्वस्थ्य होने पर परिजन यहां से लेकर गए थे।