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गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा- युद्ध से उपजे हालात ने दी बड़ी सीख, VIDEO

गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ला ने शनिवार को कहा कि ईरान-इजराइल, अमेरिका युद्ध से उपजे हालात ने एक बड़ी सीख दी है। अगर घरेलू ईंधन (गैस) के मामले में आत्मनिर्भर बनना है तो गोपालन जरूरी है। कहा कि सरकार खुद भी इसका खर्च उठा रही है। लोग आगे आएं। एक आधार कार्ड पर उन्हें एक से चार गोवंश उपलब्ध कराए जाएंगे। इनके देखभाल के लिए प्रति गोवंश प्रतिदिन 50 रुपये प्रदान किए जाएंगे। इससे वह चारे का खर्च तो वहन कर ही सकेंगे, दूध, उपले, गोबर गैस आदि के रूप में उन्हें अतिरिक्त आय (बचत) का साधन भी उपलब्ध होगा। सर्किट हाउस सभागार में पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने कहा कि गोवंश भारतीय संस्कृति का हिस्सा है। गाय को माता और बैल को नंदी का दर्जा दिया गया है। हम उनकी पूजा भी करते हैं, लेकिन कई लोग ऐसे हैं कि जब तक गाएं दूध देती हैं, तब तक तो वह उन्हें रखते हैं। इसके बाद छुट्टा छोड़ देते हैं। यह प्रवृत्ति गो संवर्धन और गो माता को राजमाता का दर्जा देने की उठाई जा रही मांग दोनों के लिए ठीक नहीं है। कहा कि ईराक-इजराइल, अमेरिका युद्ध के बाद जिस तरह से एलपीजी गैस को लेकर दिक्कत की स्थिति बनी है। उसने यह साबित कर दिया है कि इस मामले में खुद के साथ भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गोपालन जरूरी है। कहा कि पूरे प्रदेश में इस समय 16 लाख गोवंश आश्रय स्थलों पर रखे गए हैं। बताया कि सोनभद्र में आठ गो आश्रय स्थलों पर 2814 गोवंश रखे गए हैं। 368 लोग गोपालन के लिए भी आगे आए हैं और उन्होंने सहभागिता योजना के तहत 1057 गोवंश को अपनाकर सामुदायिक सहभागिता का बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है। कहा कि छुट्टा गोवंश के बारे में ग्राम स्तर पर बीडीओ और नगर निकाय स्तर पर ईओ को सूचना दी जा सकती है। इस मौके पर आयोग के सदस्य दीपक गोयल, भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता आदि मौजूद रहे।

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