उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन सोनभद्र के पदाधिकारियों और व्यापारियों ने गुरुवार को विद्युत संबंधी समस्याओं को लेकर अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द निराकरण नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि सरकार के प्रयासों के बावजूद अधिकारी जनहित के कार्यों में रुचि नहीं ले रहे हैं, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल अधिशासी अभियंता ओपी गुप्ता से मिला और उन्हें समस्याओं से अवगत कराया। जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने कहा कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए सुविधा के बजाय परेशानी का कारण बनती जा रही है। बिना पूर्व सूचना के बैलेंस शून्य दिखाकर बिजली आपूर्ति बाधित कर दी जाती है और कई बार घंटों तक लाइन बहाल नहीं हो पाती। प्रीपेड सिस्टम में तकनीकी खराबी और रिचार्ज अपडेट न होने की शिकायतें भी आम हैं। साथ ही पुराने बकाए को स्पष्ट जानकारी के बिना बिल में जोड़ने से उपभोक्ताओं को दिक्कत हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगाने के लिए निर्धारित केबल भी उपभोक्ताओं से मंगाई जा रही है, जो नियमों के विपरीत है। नगर अध्यक्ष प्रशांत जैन ने कहा कि शिकायतों का समय पर निस्तारण नहीं हो रहा है और कार्यालयों में जिम्मेदार अधिकारी नहीं मिलते, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने जर्जर खंभों और तारों को हादसे का कारण बताते हुए कहा कि कम ऊंचाई पर लटकते तार और अव्यवस्थित लाइनें खतरा बनी हुई हैं। जिला महामंत्री प्रितपाल सिंह ने कहा कि 1912 टोल फ्री नंबर पर शिकायत करने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। जिला कोषाध्यक्ष शरद जायसवाल ने आरोप लगाया कि छोटे बकायेदारों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं, जबकि बड़े बकायेदारों पर कार्रवाई नहीं होती। जिला उपाध्यक्ष रवि जायसवाल ने सोलर पैनल उपभोक्ताओं की समस्या उठाते हुए कहा कि उत्पादित बिजली का समायोजन न होने से कनेक्शन काटे जा रहे हैं। वहीं, राजू जायसवाल ने मुख्य मार्गों पर खुले में रखे ट्रांसफार्मरों को दुर्घटना का खतरा बताया। नगर मंत्री नागेंद्र मोदनवाल ने कहा कि कनेक्शन विच्छेदन के बाद भी उपभोक्ताओं को बिल भेजे जा रहे हैं। नगर महामंत्री जसकीरत सिंह ने शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही का आरोप लगाया। वहीं, अन्य पदाधिकारियों ने झटपट योजना में अनावश्यक आपत्तियां लगाए जाने की बात कही। प्रदर्शन में शरद जायसवाल, जसकीरत सिंह, रवि जायसवाल, राजू जायसवाल, धर्मेंद्र प्रजापति, अमित केसरी, विनोद जायसवाल, नागेंद्र मोदनवाल आदि मौजूद रहे।