डीएम बद्रीनाथ सिंह और एसपी अशोक कुमार मीणा सोमवार को तहसील मुख्यालय पर स्थित अंग्रेजों के बनाए डाक बंगले में पहुंचे। चर्च परिसर में निर्मित गेस्ट हाउस का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके जीर्णोद्धार के लिए संस्था से पूरी ब्योरा तलब किया। ब्रिटिश शासन काल में दुद्धी प्रमुख व्यावसायिक केंद्र था। ब्रिटिश शासन काल में स्टेट का दर्जा प्राप्त दुद्धी मिशन हाउस में ब्रिटिश शासन के बड़े हुक्मरान पड़ाव डालते थे। उनके लिए ही किलेनुमा डाक बंगला का निर्माण लगभग 1850 में ब्रिटिश डॉक्टर मैथर ने कराया था। अंग्रेज यहीं से पूरे क्षेत्र का प्रशासनिक नियंत्रण रखते थे। आजादी के बाद भी वर्षों तक इन भवनों के प्रति लोगों का आकर्षण बना रहा। इसे देखने दूर-दूर से लोग आते थे। देखरेख की अभाव में यह भवन खंडहर में तब्दील हो गए हैं। परिसर में स्थित चर्च भी खस्ता हालत में थी, मगर स्थानीय क्रिश्चियन कमेटी ने जीर्णोद्धार कर इसे अपना पूजास्थल बना लिया है। समय के साथ बंगला व चर्च जर्जर होकर ढहना शुरू हो गया। ट्रस्ट की आर्थिक स्थिति सही नहीं होने के कारण मिशन हाउस का जीर्णोद्धार नहीं कराया गया। इस बाबत चर्च के पास्टर मिथिलेश मसीह व पियरसन मसीह ने बताया कि मरम्मत कराना ट्रस्ट के वश की बात नहीं रह गई। इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए सरकार को ट्रस्ट की आर्थिक मदद की जरूरत है।