म्योरपुर थाना क्षेत्र के परनी गांव निवासी मजदूर की दिल्ली के पास लोनी में काम के दौरान करंट लगने के कारण छत से गिरकर मौत हो गई। शनिवार की देर शाम उसका शव एंबुलेंस से गांव आया। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने शव लेकर आई एंबुलेंस को रोक लिया। वह पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद की मांग कर रहे थे। ठेकेदार की ओर से आश्वासन मिलने के बाद एंबुलेंस को छोड़ा गया। म्योरपुर थाना क्षेत्र के परनी गांव निवासी सम्मेलाल उर्फ गुड्डू (30) को दुद्धी थाना क्षेत्र के खजुरी गांव निवासी एक व्यक्ति दिल्ली काम कराने के लिए ले गया था। छत की दो मंजिल इमारत पर कार्य के दौरान गुड्डू हाई टेंशन तार की चपेट में आ गया। वह झटका खाकर जमीन पर गिर पड़ा। साथी उसे लेकर तुरंत अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। साथी सरफराज अहमद ने बताया की गुड्ढू लोनी के पास दो मंजिल भवन पर काम कर रहा था। छत के बगल में ग्यारह हजार क्षमता का तार गया था। पाइप ढोने के दौरान करंट की चपेट में आकर छत से नीचे गिर गया। उसके कमर की हड्डी टूट गई थी। शनिवार की देर शाम शव लेकर एंबुलेंस गांव पहुंचा। ग्रामीणों ने एंबुलेंस और उसके चालक को रोक लिया। ठेकेदार की ओर से कोई आर्थिक मदद न मिलने पर परिजनों ने एंबुलेंस को 16 घंटे तक रोके रखा। गुड्डू की पत्नी सीता देवी ने म्योरपुर थाने पर लिखित तहरीर दी। सीता देवी ने बताया कि उसके तीन बच्चे हैं। पति ही आजीविका का सहारा था। ग्राम प्रधान जगनारायण कनौजिया ने बताया कि ठेकेदार की ओर सेकोई सेफ्टी किट नहीं दिया गया था। बिना सुरक्षा के ही कार्य कराए जाने से यह हादसा हुआ। मामले में म्योरपुर प्रभारी निरीक्षक हेमंत कुमार सिंह ने बताया कि ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर एंबुलेंस रोका था। ठेकेदार से बात हुई है। मुआवजे की कुछ रकम आने के बाद एंबुलेंस को वापस भेज दिया गया।