घोरावल तहसील क्षेत्र के भैसवार ग्राम पंचायत में चकबंदी प्रक्रिया में कथित अनियमितता और भूमि घोटाले का आरोप लगाते हुए पिछले 12 माह से धरने पर बैठे किसानों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किए। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजकर मामले की न्यायिक जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। किसानों का कहना है कि कई बार ज्ञापन देने के बावजूद अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) केे जिलाध्यक्ष बिरजू कुशवाहा का कहना है कि ग्राम पंचायत भैसवार में चकबंदी विभाग की तरफ से व्यापक अनियमितताएं की गई हैं, जिससे अनेक किसानों को नुकसान हुआ है। किसानों के अनुसार, उन्होंने पांच अक्तूबर 2020 को जिलाधिकारी को पांच सूत्री मांगों का प्रतिवेदन और साक्ष्य उपलब्ध कराए थे, लेकिन आज तक इन बिंदुओं पर न्यायिक जांच नहीं कराई गई। किसानों ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर वे कई बार प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर चुके हैं। पिछले साल से अब तक पांच बार उपजिलाधिकारी घोरावल को अलग-अलग ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन किसी भी स्तर पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। धरनारत किसानों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि चकबंदी में हुई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाए, अब तक की गई कार्रवाई से किसानों को अवगत कराया जाए तथा उनकी पांच सूत्री मांगों का शीघ्र समाधान कराया जाए। चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। इस दौरान राजेंद्र प्रसाद, श्यामनारायण यादव, दशरथ, संजय कुमार यादव, मनोज कुमार, राजाराम, धर्मदेव, रामप्रसाद आदि उपस्थित रहे।