सीतापुर जिले के महोली के नरनी गांव में दो माह से आतंक का पर्याय बने बाघ को रविवार देर शाम वन विभाग की टीम ने ट्रैंकुलाइज कर दिया। वन विभाग की टीम चुपके से बाघ को ट्रैक्टर ट्राली से सीधे जिला मुख्यालय इलसिया पार्क लेकर आ रही है। इससे पहले बाघिन को ट्रैकुलाइज किया गया था। बाघिन को गोरखपुर भेजा गया है। ग्रामीणों का दावा है कि अभी दो शावक और है। इससे पहले 22 अगस्त को नरनी के सौरभ दीक्षित पर बाघ ने हमला करके मार दिया था।