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सीतापुर में पल्लवी पटेल बोलीं- उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव का सामना करते हैं बच्चे

'विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों में भविष्य संवारने गए विद्यार्थियों को जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ता है। इसी भेदभाव को समाप्त करने के लिए यूजीसी बिल आया था लेकिन भाजपा की सरकारों ने इसे कानूनी दांव पेंच में फंसाकर हमारे समाज के बच्चों का भविष्य खतरे में डाल दिया है। यह समय जागरूक और एकजुट होकर लड़ाई लड़ने का है।' यह बात सीतापुर के महमूदाबाद क्षेत्र स्थित जिला पंचायत गेस्ट हाउस में आयोजित मंडलीय समता सम्मेलन को संबोधित करते हुए अपना दल (कमेरावादी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और सिराथू विधायक पल्लवी पटेल ने कही। उन्होंने कहा कि यूजीसी की रिपोर्ट में बताया गया कि दस साल के अंतराल में विश्वविद्यालय में जातिगत भेदभाव का आंकड़ा 118 प्रतिशत तक बढ़ा है। हमारी एक ही मांग है कि बिल पर लगी रोक को तुरंत हटाया जाए और उच्च शिक्षा संस्थान में इसको लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि 2014 में मोदी सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के वादे के साथ सत्ता में आई लेकिन किसानों की आय आज तक दोगुनी नहीं हो सकी। सरकार ने पिछड़े, वंचित समाज के लोगों को लाइन में लगाने का काम किया। नौजवानों को रोजगार नहीं मिल रहा, किसानों को खाद नहीं मिल रही है। हम हमेशा जातिवार जनगणना के पक्ष में रहे हैं। हर हाल में पूरी पारदर्शिता के साथ जातिगत जनगणना होना चाहिए।

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