सीतापुर। नैमिषारण्य में ललिता देवी मंदिर से चक्रतीर्थ रोड मार्ग पर बनी तीन अस्थाई दुकानें जल गईं। पल भर में लपटों ने विकराल रूप ले लिया और अंदर रखा लाखों रुपये का सामान जल गया। इस आग की चपेट में आई दुकानों में सरोज की परचून की दुकान, कौशल की चूड़ी-कंगन की दुकान और अतीश की बर्तन की दुकान शामिल हैं। ये सभी दुकानें ललिता देवी से चक्रतीर्थ रोड पर अस्थाई रूप से बनाई गई थीं। दुकानदारों के अनुसार अंदर पूजा सामग्री, रेडीमेड सामान, चूड़ी-कंगन, बर्तन और रोजमर्रा का माल भरा हुआ था। आग इतनी तेज थी कि स्थानीय लोगों और दुकानदारों के तमाम प्रयासों के बावजूद काबू नहीं पाया जा सका। कुछ ही मिनटों में तीनों दुकानें पूरी तरह जलकर नष्ट हो गईं। घटना के बाद तीनों दुकानदारों के चेहरे मायूस हो गए। रेडी-पटरी पर गुजारा करने वाले इन दुकानदारों के लिए यह नुकसान दोहरी मार बन गया है। इस हादसे का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। दुकानदारों और आसपास के लोगों ने बताया कि रात में अचानक आग की लपटें उठती देखीं। आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण से आग लगी होगी, लेकिन असली वजह जांच के बाद ही सामने आएगी। पीड़ित दुकानदारों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और पुनर्वास की मांग की है। उनका कहना है कि लाखों का नुकसान हो चुका है और अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। दुकानदारों ने सरकार से मदद की गुहार लगाते हुए कहा कि सरकारी मदद मिलने से ही वह फिर से अपना कारोबार शुरू कर पाएंगे।