अढ़ुआपुर में किराए का मकान लेकर उसमें वाहनों के लिए नकली यूरिया बनाया जा रहा था। जिसे पैक कर मंडल के जिलों में बेचा जा रहा था। शिकायत पर स्थानीय पुलिस, एसओजी व कृषि विभाग के अधिकारियों व एसडीएम के साथ पहुंची टीम ने इसका भंडाफोड़ किया। इस दौरान जहां एसडीएम ने मकान को सील कर दिया। वहीं टीम ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। फिलहाल टीम का सरगना अभी पकड़ से दूर है। बस्ती जिले के नथऊपुर महुवा पार महुआ निवासी अरविंद तिवारी पुत्र शेषनाथ तिवारी ने इकौना थाना क्षेत्र के ग्राम भगवानपुर बनकट के मजरा अढ़ुआपुर निवासी चंपा देवी पत्नी जगन्नाथ प्रसाद का मकान 7500 रुपये महीने किराए पर लिया था। इसमें वह पानी प्लांट लगाने की बात कह रहा था। इसी के बहाने उसने वाहनों में पड़ने वाला लिक्विड यूरिया बनाना शुरू कर दिया। इसकी सूचना एसओजी टीम प्रभारी नितिन यादव को मिली थी। उन्होंने बुधवार को एसडीएम इकौना ओम प्रकाश, कृषि विभाग के अधिकारियों व स्थानीय पुलिस व सीओ सतीश कुमार शर्मा के साथ मिल कर छापेमारी की। इस दौरान मौके पर 400 खाली डिब्बा,125 डिब्बा यूरिया व यूरिया बनाने की मशीन आदि बरामद किया। इस दौरान टीम ने बलरामपुर जिले के थाना सहदुल्ला नगर के ग्राम जोगिया निवासी सोनू, अढ़ुआपुर निवासी विजय, इकौना के बेचूबाबा निवासी इरशाद व मकान मालिक गुड्डू मिश्रा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि टीम का सरगना अरविंद तिवारी पहले बस्ती में यही काम करता था। वहां उसके विरुद्ध केस दर्ज हुआ था। इसके बाद वह 10 फरवरी 2025 को किराए का मकान लेकर यह कार्य करने लगा। खाली डिब्बा दिल्ली से लाकर उसमें नकली यूरिया भरते थे। बाद में उसे सील पैक कर बारकोड आदि के साथ गोंडा, बलरामपुर, बहराइच सहित आसपास के जिलों की दुकानों पर बेचते थे। इस पर एसडीएम ने मकान को सील कर दिया। वहीं पुलिस चारों आरोपियों को अपने साथ थाने ले गई है। इस बारे में एसडीएम ओम प्रकाश का कहना है कि नकली यूरिया की फैक्ट्री सील कर विधिक कार्रवाई के लिए पत्रावली डीएम अजय कुमार द्विवेदी के पास भेजी गई है। डीएम की अनुमति के बाद केस दर्ज कराया जाएगा।