श्रावस्ती में इकौना तहसील के आसपास ताजिया दफन करने के लिए कर्बला नहीं है। इससे नाराज मुस्लिम समाज के लोगों ने शनिवार को इकौना तहसील में प्रदर्शन किया। उन्होंने एसडीएम से स्थान चिन्हित कराने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि इकौना तहसील परिसर के बगल में ताजिया दफन करने वाले कर्बला की भूमि को प्रशासन ने तालाब की भूमि बताते हुए खाली करा दिया। साथ ही उच्च न्यायालय इलाहाबाद के निर्देश पर इकौना में किराए के भवन में चल रहे ग्राम न्यायालय के लिए तालाब की इस भूमि (गाटा संख्या 3379/383 व गाटा संख्या 3378/843) का विनिमय सरकारी कार्य के लिए करके प्रस्ताव शासन को भेजा है। वहीं तहसील प्रशासन का कहना है कि जिस भूमि में तालाब दर्ज है। उसके अभिलेख में कभी कर्बला दर्ज नहीं था। अब जब मोहर्रम का पर्व नजदीक आ रहा है, तब भी स्थानीय प्रशासन की ओर से अभी तक ताजिया दफन करने के लिए दूसरी भूमि चिह्नित नहीं की गई है। इससे इकौना थाना क्षेत्र के ताजियादारों को इसकी चिंता सताने लगी है। इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, मोहर्रम पर्व से 10 दिन पहले होने वाले चिराग आलम आदि की रस्म कैसे पूरी की जाएगी? इस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।