फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shamli: श्री शिव महापुराण कथा में गूंजे 'गणपति बप्पा मोरया' के जयकारे

शामली के थानाभवन में स्थानीय अग्रवाल धर्मशाला में चल रही श्री शिव महापुराण कथा के चौथे दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास राज राजेश्वर महाराज ने शिव-पार्वती विवाह के उपरांत भगवान कार्तिकेय और गणेश जी के जन्म की आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायक कथा का भावपूर्ण वर्णन किया। महाराज ने कहा कि भगवान गणेश को "गणों के स्वामी" अर्थात् गणपति कहा जाता है। वे विघ्नों का नाश करने वाले, सुख-समृद्धि और बुद्धि के देवता हैं। उनकी बालसुलभ मासूमियत, लक्ष्य के प्रति अटल संकल्प और माता-पिता के प्रति समर्पण ने उन्हें ‘गणपति’ की उपाधि दिलाई। यह सुनकर माता पार्वती अत्यंत प्रसन्न हुईं और उनका विवाह रिद्धि व सिद्धि के साथ सम्पन्न कराया। कथा के माध्यम से बताया गया कि गणेश चतुर्थी न केवल एक पर्व है, बल्कि यह हमें अपने जीवन में शुभता, अनुशासन और आत्मिक विकास की प्रेरणा देती है। राज राजेश्वर महाराज ने कहा कि श्रावण मास में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है। इस माह में शिव आराधना से विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है, और सभी ग्रह दोष शांत होते हैं। शनि, राहु, केतु और चंद्र दोषों से पीड़ित जातकों को इस मास में विशेष लाभ प्राप्त होता है।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें