शामली जनपद के थानाभवन स्थित अग्रवाल धर्मशाला में चल रही शिवपुराण कथा के तीसरे दिन कथा व्यास राज राजेश्वर महाराज ने शिव-शक्ति विवाह प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि यह मिलन न केवल देव विवाह है, बल्कि यह पुरुष और प्रकृति के संयोग का प्रतीक भी है। उन्होंने बताया कि भारतीय दर्शन और सनातन परंपरा में यह प्रसंग अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। महाराज ने कहा कि शिव पुरुष चेतना का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि शक्ति (पार्वती) प्रकृति और ऊर्जा की प्रतीक हैं। इन दोनों के संयोग से ही सृष्टि, गति और सृजन की उत्पत्ति होती है। कथा के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।