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VIDEO : इस्लाम हिंसा की इजाजत नहीं देता, मौलाना महमूद मदनी ने युवाओं को दी सलाह

डिंपल सिरोही Updated Sat, 01 Feb 2025 10:13 PM IST

शामली जनपद के कांधला थानाक्षेत्र के गांव गढ़ी दौलत के मदरसा जामिया बदरुल उलूम में एक दिवसीय सालाना जलसे का आयोजन किया गया। जलसे में 42 की दस्तार बंदी की गई। जलसे को खिताब करते हुए हजरत मौलाना महमूद मदनी ने फरमाया कि आज का नौजवान नशे की लत में पड़ गया है। नशे की लत में पड़कर अपने जीवन को बर्बाद कर रहा है। अफसोस की बात है कि इस कारोबार में औरतें भी शामिल हो गई है। उन्होंने फरमाया कि नशा छुड़ाने के लिए समाज को आगे आना चाहिए और मदरसों में भी नशा मुक्ति केंद्र बनाए जाएं। जिससे नशा करने वालों को दीनी और दुनिया की तालीम देकर सही रास्ते पर लाया जाए। उन्होंने मुस्लिम समाज के लोगों से अपील की है कि अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ ही दीनी शिक्षा भी दिलाए। इस्लाम के बताए रास्ते पर चलने में ही हम सब लोगों की भलाई है। इस्लाम हिंसा की इजाजत नहीं देता है। जलसे को खिताब करते हुए मदरसा जामिया बदरुल उलूम के प्रबंधक हजरत मौलाना आकिल ने फरमाया कि आज की दौर में लोग सालगिरह मना रहे हैं।अफसोस होना चाहिए कि हमारे जीवन का एक दिन रोज घट रहा है ,फिर भी इंसान सालगिरह मना कर फिजूल खर्ची कर रहा है। हम सब लोगों को फिजूल खर्ची से बचना चाहिए। मुफ्ती अब्दुल्लाह मारुफी दारुल उलूम देवबंद ने जलसे को खिताब करते हुए फरमाया कि महिला पर्दे का इस्तेमाल करें, फैंसी बुरखे का इस्तेमाल न करें। जलसे की सदारत हजरत मौलाना महमूद मदनी ओर निजामत हजरत मौलाना मोहम्मद आकिल ने की। मुफ्ती अब्दुल्लाह मारुफी द्वारा जलसे में देश में अमन-चैन के लिए दुआ कराई गई। जलसे में मौलाना इसराइल, मौलाना हारून, मौलाना मुदस्सिर, मौलाना अब्दुल अलीम, मौलाना अमीर, मौलाना तौकीर देवबंद, मौलाना कय्यूम, मौलाना तैय्यब, मौलाना फाजिल, मौलाना राशिद मौजूद रहे।

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