शामली नगरपालिका शामली की बोर्ड बैठक में महिला सभासदों के पति की मौजूदगी को लेकर पालिकाध्यक्ष और सभासदों के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामा हो गया। सभासदों ने इसे नियम विरुद्ध बताते हुए पालिकाध्यक्ष पर पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया, जबकि पालिकाध्यक्ष ने शासनादेश का हवाला दिया। शुक्रवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे पालिका सभागार में बोर्ड बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत में ही सभासद अनिल उपाध्याय और निशिकांत संगल ने महिला सभासदों के पतियों की सभागार में मौजूदगी पर आपत्ति जताई। इस पर पालिकाध्यक्ष अरविंद संगल ने कहा कि शासनादेश के अनुसार पालिकाध्यक्ष को यह अधिकार है कि वह बोर्ड बैठक में किसी को भी बुला सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि बैठक में व्यवधान डालने वाले सभासदों को तीन बार चेतावनी देने के बाद बाहर भी किया जा सकता है। इस मुद्दे को लेकर सभासदों और पालिकाध्यक्ष के बीच काफी देर तक बहस और हंगामा होता रहा। इसके बावजूद महिला सभासदों के पति सभागार में मौजूद रहे। हंगामे के बाद बैठक में अप्रैल 2026 के आय-व्यय का ब्योरा प्रस्तुत किया गया। साथ ही स्वकर प्रणाली के तहत बिल बनाने, उनके वितरण और कर वसूली से जुड़े कई प्रस्ताव पारित किए गए। सभासदों ने कहा कि वे इस पूरे मामले की शिकायत जिलाधिकारी से करेंगे।