शाहजहांपुर में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य के आदेश को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए सोमवार को जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। इस बीच प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार अपूर्वा सिंह को दिया। दोपहर बाद करीब तीन बजे महासंघ के पदाधिकारी जीआईसी खेल मैदान में एकत्रित हुए। यहां सभा में संगठन मंत्री अंकुर त्रिपाठी विमुक्त ने कहा कि न्यायालय के आदेश से देशभर में लगभग 20 लाख शिक्षक असमंजस और भय की स्थिति में हैं। आदेश लाखों सेवारत शिक्षकों की सेवा और आजीविका पर सीधा संकट है। यह निर्णय केवल भावी नियुक्तियों पर लागू किया जाए। 15-20 वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर नई शर्तें थोपना अन्यायपूर्ण है। महामंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार को तत्काल हस्तक्षेप कर विधायी संशोधन करना चाहिए। इसके बाद जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और ज्ञापन दिया। इसमें सर्वोच्च न्यायालय का आदेश केवल भावी नियुक्तियों पर लागू करने, 23 अगस्त 2010 से पूर्व एवं बाद में नियुक्त योग्य शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने, संसद में अध्यादेश के माध्यम से आवश्यक विधायी कदम उठाकर लाखों शिक्षकों की नौकरी और आजीविका सुरक्षित करने की मांग की गई।