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Shahjahanpur: नवरात्र पर बिखरी लोक संस्कृति की छटा, गीतों पर झूम उठे लोग

शाहजहांपुर के स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज में नवरात्र पर संगीत, श्रद्धा और लोक संस्कृति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न विभागों की छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रस्तुति से खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम का शुभारंभ मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती, प्रबंध समिति के सचिव प्रो. अवनीश मिश्रा व प्राचार्य प्रो.आरके आजाद ने दीप जलाकर किया। डॉ. प्रतिभा सक्सेना ने देवी गीत व लांगुरिया लोकगीतों की प्रस्तुति दी। हिंदी विभाग की ओर से आज मिथिला नजरिया... ने मिथिला अंचल की लोकभावना को जीवंत किया। समाजशास्त्र विभाग की ओर से प्रस्तुत उड़ जाय रे उड़ जाय रे के माध्यम से लोकजीवन की उड़ान को स्वर दिया। मनोविज्ञान विभाग की ओर से पीपल के पात झड़े प्रस्तुति ने संवेदनाओं की गहराई को छुआ। इसके अलावा कला विभाग की ओर से है करेले से कड़वी हमारी ननदी के माध्यम से हास्य-व्यंग्य से भरपूर लोक रंग बिखेरा। पूर्व छात्रा आरती ने कोयल बिन बगिया ना सोभे राजा ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। संजीत कुमार ने अंगना में ठाड़ी चार गुइयां लोकगीत प्रस्तुत किया। अतिथियों ने प्रतिभागियों को पुरस्कार दिया। व्याख्या सक्सेना के संचालन में हुए कार्यक्रम में उपप्राचार्य प्रो. अनुराग अग्रवाल, डॉ.आदित्य सिंह, श्रीकांत मिश्रा, डॉ.बलवीर शर्मा, प्रो. आलोक मिश्रा, प्रो.मधुकर श्याम शुक्ला आदि मौजूद रहे।

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