शाहजहांपुर जिला जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे तीन कैदियों ने दसवीं और बारहवीं की परीक्षा को उत्तीर्ण कर लिया। एक हत्यारोपी ने सफलता पाई है। शुक्रवार को यूपी बोर्ड परीक्षा का परिणाम आने के बाद जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने बंदियों को मिठाई खिलाकर बधाई दी। तीन अन्य बंदियों ने जेल में रहते हुए परीक्षा फॉर्म भरा था, पर परीक्षा से पहले जेल से रिहा हो गया था। दहेज के लिए हत्या में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे दलवीर ने 70.81 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। हत्या के आरोपी दानिश खां ने 73.51 प्रतिशत अंकों के साथ दसवीं की परीक्षा पास की। आजीवन कारावास की सजा काट रहे धर्मेंद्र ने 66.66 प्रतिशत अंकों के साथ दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है। आजीवन कारावास की सजा काट रहे अजीत सिंह ने 45.21 प्रतिशत अंक के साथ बारहवीं की परीक्षा पास कर ली है। जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने बताया कि तीन बंदियाें ने जेल में रहते हुए फॉर्म भरा था। परीक्षा होने से पहले संजीव कुमार, मोहम्मद तनवीर और कृष्ण कुमार जेल से रिहा हो गए थे। गुड्डू अपने स्वास्थ्य कारणों से परीक्षा में शामिल नहीं हुए। पिछले वर्ष भी सभी बंदी पास हुए थे। कारागार में उन्हें पढ़ने के लिए पाठ्य पुस्तक, पाठ सामग्री एवं अध्यापकों की व्यवस्था की जाती है।