शाहजहांपुर के पुवायां में एसडीएम और तहसीलदार को हटाने की मांग कर रहे वकील सोमवार को भी धरने पर बैठे। धरनास्थल पर वकीलों ने कहा कि एसडीएम और तहसीलदार को हटाने के बाद ही कामकाज शुरू किया जाएगा। प्रशासन अड़ा रहा तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। डब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर समान्य वर्ग के लिए प्रमाणपत्र) बनवाने को लेकर 25 जुलाई को वकील विनय शर्मा का तहसीलदार से विवाद हो गया था। वकील एसडीएम से बात करने पहुंचे तो एसडीएम चित्रा निर्वाल ने सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बुला ली थी। इससे वकील भड़क गए थे। वकीलों ने एसडीएम और तहसीलदार पर मनमाने ढंग से काम करने का आरोप लगाते हुए हंगामा और नारेबाजी कर दोनों अधिकारियों का पुतला भी दहन किया था। इसके बाद वकील धरने पर बैठ गए थे। सोमवार को भी तमाम वकील धरने पर बैठे। इस दौरान वकीलों ने तहसील प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और गंभीर आरोप लगाए। धरने पर तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष शुक्ला सहित तमाम वकील बैठे हुए हैं। वकीलों ने सभी न्यायालयों का भी बहिष्कार कर दिया है।