शाहजहांपुर में 22 जनवरी को काकोरी एक्शन केस के अमर नायक ठाकुर रोशन सिंह की जयंती मनाई गई। खुदागंज कस्बे से आठ किलोमीटर दूर नवादा दरोबस्त गांव में जन्मे रोशन सिंह ने क्रांति की मशाल जलाने को अस्त्र-शस्त्र खरीदने को पीलीभीत के सूदखोर के यहां पहला डाका डाला था। उनकी गोली से एक पहलवान की मौत होने पर काकोरी एक्शन केस के बाद रोशन सिंह की फांसी का आधार बनी थी। नवादा दरोवस्त निवासी जंगी सिंह और कौशल्या देवी के घर में जन्मे रोशन सिंह पांच भाई-बहनों में सबसे बड़े थे। बचपन से त्याग की भावना रखने वाले रोशन सिंह लाठी, तलवारबाजी और रायफल चलाने में माहिर थे। उनके प्रपौत्र शरद सिंह उनकी क्रांतिकारी गाथा पर किताब लिख रहे हैं। अपने माता-पिता व क्रांतिकारी रामकृष्ण खत्री के पुत्र व किताबों से जानकारी लेकर किताब को पूरा करेंगे। उन्होंने बताया कि तमाम किताबों, परिजनों और क्रांतिकारियों के परिजन से मिलकर जानकारी ली है। दो से तीन महीने में किताब पूर्ण हो जाएगी।