शाहजहांपुर में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पहले नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष डॉ. पीके अग्रवाल ने कहा कि आयुष्मान योजना का कुछ कार्डधारक दुरुपयोग कर रहे हैं। वह कार्ड लेकर आते हैं और डॉक्टर से बिल बनाने के साथ शेष रुपये की मांग करते हैं, जबकि दो साल से सरकार ने डॉक्टरों का योजना के तहत भुगतान नहीं किया है। डॉक्टरों का करोड़ों रुपये बकाया है। इस वजह से हरियाणा और पंजाब के बाद यूपी के कुछ डॉक्टरों ने भी योजना के तहत उपचार बंद कर दिया है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य कमीशन आए दिन मानकों की अनदेखी कर मेडिकल कॉलेज खुलवा रहा है। कॉलेज के नाम पर भवन बना दिए, पर पढ़ाने वाले उपलब्ध नहीं हैं। प्लास्टिक की डमी के सहारे सिखाया जा रहा है। गूगल पर देखकर पढ़ाई हो रही है। इसका परिणाम आने वाले दिनों में जनता को भुगतना होगा। उन्होंने आए दिन डॉक्टरों पर होने वाले हमलों पर चिंता जताते हुए कहा कि डॉक्टरों को खतरा होने के चलते पोस्ट पीजी में मात्र 14 प्रतिशत लोगों ने सर्जरी विभाग को चुना है। यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों में कुशल सर्जन मिलना मुश्किल हो जाएंगे। हमलों की वजह से डॉक्टर खतरा लेने के लिए तैयार नहीं हैं। इसे लेकर भारत सरकार से सख्त कानून बनाने की मांग की गई।