विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में बुधवार को भी बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान वक्ताओं ने निजीकरण का फैसला वापस लिए जाने की मांग किया। साथ ही 22 जून को लखनऊ में महापंचायत में शामिल होने का एलान किया। विद्युत कर्मचारी संयुक्त समिति के पदाधिकारी एवं धरना की अध्यक्षता कर रहे इंजीनियर मनोज कुमार ने कहा है कि पॉवर कारपोरेशन प्रबंधन ने बिजली दरों में बेतहाशा वृद्धि का प्रस्ताव देकर संघर्ष समिति के इस आरोप की पुष्टि कर दी है कि निजीकरण के बाद बिजली दरों में दो से तीनगुनी वृद्धि होगी।