विद्युत निगमों के निजीकरण व कर्मियों के उत्पीड़न के विरोध में बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने चेतावनी दी कि निजीकरण का टेंडर होते ही सामूहिक जेल भरो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। संघर्ष समिति के पदाधिकारी सुनील प्रजापति ने कहा कि झूठे आंकडों के आधार पर विद्युत निगमों के निजीकरण का साजिश की जा रही है। इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।