अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं और चोरी के मामले को लेकर साधु-संतों ने चिंता जताई है। इसी कड़ी में जुनावई क्षेत्र के सुप्रसिद्ध साधू मंढ़ी आश्रम के संत महामंडलेश्वर रामानन्द गिरी महाराज ने इस पूरे घटनाक्रम पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए अपना बड़ा बयान जारी किया है। संत रामानंद गिरी महाराज ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि अयोध्या राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन में कहीं न कहीं बड़ी त्रुटि (चूक) हुई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे की सुरक्षा में जो लापरवाही बरती गई, उसी का फायदा उठाकर कुछ लोग अपने गलत मकसदों में कामयाब हो गए। अगर सुरक्षा और निगरानी पुख्ता होती, तो ऐसी घटना को अंजाम देना मुमकिन नहीं था। साथ ही उन्होंने अपने बयान में बताया कि राम मंदिर ट्रस्ट समिति में उनके परम पूज्य गुरुदेव, युग पुरुष स्वामी श्री परमानंद जी महाराज स्वयं एक सम्मानीय ट्रस्टी हैं। ऐसे में मंदिर की गरिमा और वहां आने वाले चढ़ावे की पवित्रता व सुरक्षा से खिलवाड़ होना बेहद गंभीर और चिंताजनक विषय है। संत जी ने कहा कि अयोध्या का राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि यह भारत देश के करोड़ों सनातनी भक्तों की अटूट आस्था और समर्पण का केंद्र है। भक्तों द्वारा अपनी गाढ़ी कमाई से मंदिर में अर्पित किए गए चढ़ावे की चोरी या उसमें हेरफेर की बात को पूरा भारत वर्ष बेहद गलत मान रहा है। इस घटना से देश के आम नागरिक और राम भक्तों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। संत रामानंद गिरी महाराज ने प्रशासन और ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच कराने और भविष्य में ऐसी किसी भी चूक को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है, ताकि वैश्विक स्तर पर राम मंदिर की विश्वसनीयता और सुरक्षा अक्षुण्ण बनी रहे।