वृहद पौधारोपण अभियान की शाहबाद क्षेत्र के गांव करेथी में कथित तौर पर खिल्ली उड़ाने का मामला सामने आया है। यहां बी-पैक्स (सहकारी समिति) परिसर में पौधारोपण के नाम पर पौधों की बजाय पेड़ से तोड़कर और कटी हुई टहनियां जमीन में रोपने का आरोप लगा है। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर टहनियों को जमीन से निकालकर दिखाया, उनका वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। घटना के बाद ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। ग्रामीण अनुज ठाकुर, मुकेश कठेरिया, सुगरपाल सिंह, राजू, शिवम समेत अन्य लोगों का आरोप है कि बृहस्पतिवार को अभियान के तहत सहकारी समिति प्रांगण में पौधारोपण किया गया था। संदेह होने पर जब उन्होंने लगाए गए "पौधों" को उखाड़कर देखा तो वे जड़ वाले पौधे नहीं, बल्कि पेड़ से टूटी हुई टहनियां निकलीं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी अभियान को केवल औपचारिकता निभाने के लिए इस तरह अंजाम दिया गया। ग्रामीणों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो यह मुख्यमंत्री के पर्यावरण संरक्षण अभियान की गंभीर अनदेखी और सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। मामले में समिति के सचिव मनीष यादव ने कोई संतुष्ट जवाब नहीं दिया। पहले बताया कि पौधारोपण किया और पेड़ो से टहनी तोड़कर लगाने वाली बात बिल्कुल गलत है। वायरल वीडियो की अमर उजाला पुष्टि नहीं करता।