रामपुर में समाजवादी पार्टी (सपा) के भीतर खींचतान एक बार फिर सुर्खियों में है। सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने सीनियर नेता आजम खां के उस बयान पर कड़ा पलटवार किया है, जिसमें आजम खां ने उन्हें "न पहचानने" की बात कही थी। बृहस्पतिवार को एक चैनल से बातचीत में नदवी ने कहा कि “अगर जिले की 20 लाख आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसद को कोई नहीं पहचानता, तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।” उनके मीडिया प्रभारी ने भी इस बयान की पुष्टि की है।
नदवी ने कहा कि 2024 का लोकसभा चुनाव किसी खानदान या व्यक्ति विशेष के नाम पर नहीं, बल्कि जनता के मुद्दों पर लड़ा गया था। उन्होंने बताया कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें जनता की नुमाइंदगी के लिए टिकट दिया और लोगों ने उन पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा, “मेरे सभी पूर्वजों की कब्रें रामपुर में हैं। मैंने यहीं शिक्षा पाई है और रामपुर के हिंदू-मुसलमानों ने मिलकर मुझे अपना नेता चुना है।”
आजम खां के साथ रिश्तों पर नदवी ने कहा कि “हमने उनके लिए दुआएं की थीं कि वे जेल से बाहर आएं, लेकिन बाहर आने के बाद उन्होंने अपनी ही पार्टी के सांसद को पहचानने से इनकार कर दिया। अब उनके जानने या न जानने से कोई फर्क नहीं पड़ता।”
सुधार गृह वाले बयान पर सफाई देते हुए नदवी ने कहा कि मीडिया ने उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में “संविधान और इंसानियत को बचाना” सबसे बड़ी जरूरत है।
इसी बीच, बसपा सुप्रीमो मायावती की लखनऊ रैली के दौरान आजम खां के नाम से जुड़ी एक फर्जी फेसबुक पोस्ट ने सपा में हलचल मचा दी। “आजम खान फैन पेज प्राउडी अकाउंट” नामक फेसबुक आईडी से की गई इस पोस्ट में लिखा गया था, “यूपी में बीजेपी का सफाया मायावती ही कर सकती हैं। मेरी कौम के लोगों, बीएसपी से जुड़ो।” यह पोस्ट तेजी से वायरल हुई, इसे 23 हजार से ज्यादा लोगों ने देखा और 172 लोगों ने शेयर किया।