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VIDEO:प्रभारी मंत्री बोले- कर सुधार नेक्ट जेनेरेशन जीएसटी सुधार हैं, जिला पंचायत सभागार में की बैठक

जीएसटी की स्लैब में बदलाव कर दिया गया है। बाजार पर इसका असर क्या होगा और लोगों को किस तरह सुविधा मिलेगी। इन सभी बिंदुओं पर प्रभारी मंत्री राकेश सचान ने जिला पंचायत हॉल में जीएसटी बचत उत्सव पर जानकारी दी। कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में जीएसटी व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार किए गए हैं। इन सुधारों ने हमारी कर प्रणाली को सरल, पारदर्शी बनाया है। उन्होंने कहा कि यह कर सुधार नेक्ट जेनेरेशन जीएसटी सुधार हैं। प्रभारी मंत्री ने कहा कि जीएसटी में सुधार प्रधानमंत्री के विजन जीवन में आसानी, व्यापार में आसानी का साकार रूप है। अब देश में सिर्फ दो दरें 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत लागू होंगी। बताया कि दूध, पनीर, शैंपू, साबुन, टूथपेस्ट जैसी रोजमर्रा की चीजें अब केवल 5 प्रतिशत या शून्य दर पर मिलेंगी। शिक्षा सरकार की प्राथमिकता में है, इस कारण कॉपी, पेंसिल, नोटबुक और बच्चों की सामग्री अब पूरी तरह कर मुक्त है। किसानों के लिए ट्रैक्टर, टायर, कीटनाशक और सिंचाई उपकरण पर कर घटाकर 5 प्रतिशत। स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों पर जीएसटी पूरी तरह हटाया गया है। दवाइयों, ऑक्सीजन और टेस्ट किट पर भारी कटौती की गई है। कार और बाइक पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत 10 प्रतिशत की राहत दी गई है। इस तरह करोड़ों परिवारों की जेब में बचत का पैसा होगा। छोटे व्यवसाय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि छोटे व्यवसायों और स्टार्टअप्स के लिए यह सुधार बड़ा सहारा सिद्ध होंगे। बताया कि जीएसटी से मिली आय अब सड़कों, रेलवे, मेट्रो, स्कूलों और अस्पतालों पर निवेश हो रही है। स्टार्ट अप इंडिया से 1 लाख 59 हजार स्टार्टअप्स और यूनिकॉर्न खड़े हुए। छोटे उद्योग, महिलाएं और युवा उद्यमी अब आत्मनिर्भर भारत के स्तंभ बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि जीएसटी सुधार सभी राज्यों की सहमति से हुए। इससे सहकारी संघवाद और मजबूत हुआ है। जीएसटी से टैक्स चोरी में भारी कमी आई है। छोटे व्यापारियों के लिए कर पालन आसान हुआ है। यह सुधार विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में एक निर्णायक कदम है। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष रंजना चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष भाजपा बुद्धिलाल, विशाल पाण्डेय, राज कुमार सिंह, शीवेन्द्र सिंह मौजूद रहे। कहां हो, रियल्टी चेक में आप फेल हो रायबरेली। जिला पंचायत सभागार में जब प्रभारी मंत्री राकेश सचान बैठक कर रहे थे तो उनके सामने सीडीओ और डीएफओ के फोन न उठाने की शिकायत आई। इस पर रियल्टी चेक करते हुए प्रभारी मंत्री ने दोनों अधिकारियों को फोन मिलाया। इस पर उनका फोन भी नहीं उठा। प्रभारी मंत्री राकेश सचान ने दोबारा फोन मिलाया तो डीएफओ का फोन उठा, तो प्रभारी मंत्री ने कहा कि कहां हो, घर पर हो, मेरा फोन भी नहीं उठाते। बताया गया कि फोन साइलेंट मोड पर था। प्रभारी मंत्री ने कहा कि डेढ़ माह से जिले में आप हैं और अभी तक ठीक से काम नहीं हो रहा है। मेरा फोन भी नहीं उठाते हैं तो लोगों का क्या उठाते होंगे। मेरा रियल्टी चेक में फेल हो गए हो। उन्होंने साफ कहा कि मुख्यमंत्री को इस बाबत पत्र लिखा जाएगा। हर प्रशासनिक अधिकारी को फोन उठाना चाहिए। यह गंभीर बात है कि फोन नहीं उठता हैं। इसी तरह प्रभारी मंत्री ने सीडीओ अर्पित उपाध्याय को भी फोन न उठाने पर फटकार लगाई। कहा कि यह गलत है कि फोन नहीं उठाया जाता है। अरे यदि कोई फोन मिला रहा है तो यह जरूरी है कि उसे रिसीव किया जाए।

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