प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त शनिवार को जारी होने की संभावना के बीच फार्मर रजिस्ट्री न करा पाने वाले किसान परेशान हैं। बड़ी संख्या में किसान कृषि रक्षा इकाई कार्यालय पहुंचकर अपनी पात्रता और आवेदन की स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में फार्मर रजिस्ट्री का लगभग 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष किसानों के सामने मुख्य समस्या भूमि के बंटवारे और विरासत से जुड़े अभिलेखों की है। कई मामलों में हिस्सेदारी स्पष्ट न होने से रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। शुक्रवार को भी कई किसान कृषि रक्षा इकाई पहुंचे। रणगांव निवासी रेखा देवी ने बताया कि उन्होंने खेती की जमीन का बैनामा कराया है। कई बार फार्मर रजिस्ट्री के लिए आवेदन कराया, लेकिन उनके खाते में किसान सम्मान निधि की राशि नहीं पहुंची।अधिकारियों ने जांच में बताया कि उनका बैनामा वर्ष 2021 में हुआ था। नियमानुसार 1 फरवरी 2019 के बाद खरीदी गई भूमि पर नए लाभार्थी इस योजना के पात्र नहीं होते हैं। बेहटा कला के प्रगतिशील किसान हनुमान सिंह ने बताया कि उन्हें योजना की सभी किस्तें मिल चुकी हैं, लेकिन कई किसान विरासत और भूमि अभिलेख संबंधी समस्याओं के कारण रजिस्ट्री नहीं करा पा रहे हैं। इससे उन्हें तहसील और कृषि विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। किसान अनिल सिंह भदौरिया ने बताया कि अब खाद और बीज वितरण में भी फार्मर रजिस्ट्री का महत्व बढ़ गया है। किसान के हिस्से के क्षेत्रफल के आधार पर ही खाद और बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ऐसे में अधिक से अधिक किसान रजिस्ट्री कराने के लिए प्रयास कर रहे हैं। कृषि रक्षा इकाई प्रभारी आशीष प्रकाश शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त शनिवार को जारी हो रही है।