रायबरेली के लोधवारी में सांसद राहुल गांधी ने वीरा पासी की प्रतिमा का लोकार्पण किया और बहुजन स्वाभिमान सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। राहुल गांधी ने संविधान की एक प्रति हाथ में लेकर कहा कि भाजपा, प्रधानमंत्री और आरएसएस इसे फाड़ने और फेंकने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आरएसएस ने तो इसे पहले ही फाड़ दिया है। संविधान के प्रति राहुल गांधी का भावुक आह्वान राहुल गांधी ने कहा कि यह संविधान की किताब सिर्फ कागज़ का पन्ना नहीं है, बल्कि इसमें डॉ. भीमराव अंबेडकर, महात्मा गांधी और वीरा पासी जैसे अनगिनत लोगों का खून और पसीना मिला हुआ है, जिन्होंने इसे बनाने में अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संविधान देश की आत्मा है और इसकी रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है। आर्थिक तूफान और देश के साथ धोखे का आरोप अपने संबोधन में राहुल गांधी ने देश की आर्थिक स्थिति पर चिंता व्यक्त की और कहा कि देश में एक बड़ा आर्थिक तूफान आने वाला है। उन्होंने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री पर देश के साथ धोखा करने का आरोप लगाया। हालांकि, उनके द्वारा "ट्रंप की बात मानकर देश के साथ द" अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे इस विशिष्ट आरोप के संदर्भ में अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाती है। यह संभवतः किसी आर्थिक नीति या अंतरराष्ट्रीय समझौते से जुड़ा संकेत था, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी। राहुल गांधी का यह संबोधन राजनीतिक रूप से काफी तीखा रहा, जिसमें उन्होंने संविधान की अस्मिता और देश की आर्थिक भविष्य को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त कीं। उन्होंने अपनी पार्टी के पारंपरिक वोट बैंक को एकजुट करने और भाजपा के प्रति विरोध को धार देने का प्रयास किया। वीरा पासी जैसी ऐतिहासिक हस्तियों को याद करके उन्होंने सामाजिक न्याय और पिछड़ों के अधिकारों के एजेंडे को भी रेखांकित किया।