धान की फसल को बचाने के लिए किसानों को यूरिया की सख्त जरूरत है। हाल यह है कि किसानों को यूरिया खाद नहीं मिल रही है। किसान खाद के लिए भटक रहे हैं। सोमवार को खाद न मिलने से किसानों को मायूस होकर घर लौटना पड़ा। क्षेत्र की कसरावां, राजामऊ,सुदौली, इचौली सहित 11 सहकारी संसाधन समितियां बंद पड़ी हैं। इन समितियों में खाद होने के बावजूद भी खाद वितरित नहीं की जा रही है। ऐसे में किसानों को बछरावां कस्बे में स्थित इफको केंद्र पर ही आश्रित हो गए हैं। यही कारण है कि सोमवार को इफको केंद्र पर किसानों की भीड़ जुटी। पूरे दिन में 250 बोरी खाद का वितरण किया गया। इस कारण मुट्ठी भर किसानों को ही खाद मिल सकी। जबकि सुबह से ही केंद्र के बाहर किसानों की भारी फीड़ जुटी थी। नीवां गांव निवासी किसान आलोक, दैजुवा खेड़ा निवासी अंकुर, सांपों निवासी रामेश्वर, पहनासा निवासी गंगा का कहना है कि समय से यूरिया खाद न मिलने के कारण धान की फसल की पैदावार में कमी आएगी। खाद की किल्लत से वह समय से धान की फसल में खाद नहीं डाल पा रहे हैं। इफको केंद्र प्रभारी सीताराम ने बताया कि यूरिया खाद लगातार वितरित की जा रही है। किसानों की भारी भीड़ होने के चलते कठिनाइयां आ रही हैं। मौजूदा समय में यूरिया खाद वितरित की जा रही है। इसके बाद डीएपी खाद वितरित करना शुरू किया जाएगा।