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VIDEO: कचरे की दुर्गंध से नाक बंद कर निकलने को मजबूर राहगीर, 30 लाख की लागत से बनकर तैयार कूड़ा निस्तारण केंद्र बना शोपीस

परशदेपुर (रायबरेली)। कस्बे में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान कागज पर चल रहा है। एक से 31 जुलाई तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत स्वच्छता पर कई कार्यक्रम संचालित किए जा रहे है। इस दौरान कर्मचारी घर-घर जाकर संचारी रोगों से बचाव को लेकर लोगों जागरूक करने की योजना है, लेकिन कस्बे में यह सभी प्रयास कागज पर ही किए जा रहे हैं। नगर की सीमा में प्रवेश करते ही सड़क किनारे लगे कूड़ा के ढेरों से निकल रही दुर्गंध से लोग परेशान हैं। राहगीरों को नाम बंद कर आना जाना पड़ रहा है। राहगीर अजय कुमार, महेंद्र सिंह, मनोज कुमार, छात्र रितेश कुमार, विमलेश कुमार व विभा ने बताया किरही नाला के पास लगे कूड़े के ढेर से निकलने वाली दुर्गंध लोगों को परेशान कर रही है। लगभग दो वर्ष से सड़क के किनारे मनमाने तरीके से कूड़ा फेंका जा रहा है। केस एक: चार वर्ष से मेटेरियल रिकवरी फेसलिटी (एमआरएफ) सेंटर का नहीं खुला ताला कस्बे में चार वर्ष पहले करीब 25 लाख की लागत से नगर पंचायत कार्यालय के पास बना एमआरएफ सेंटर बनाया गया था। योजना थी कि यहां कचरा एकत्र होगा और सूखा व गीला कचरा अलग कर उसका निस्तारण किया जाएगा, लेकिन अधिकारियों की उदासीनता के कारण बनने के बाद से इसमें ताला बंद है। केस दो: कस्बे के मटियारा चौराहे के करीब छह माह पहले लगभग 30 लाख की लागत से कूड़ा निस्तारण केंद्र बनाया गया था। इसका भी ताला नहीं खुला। नगर से प्रतिदिन करीब 30 टन कूड़ा निकलता है। इस कचरे को मुख्य मार्गों के किनारे फेंका जा रहा है। इस गंदगी से आस पास रहने वालों के साथ राहगीरों को परेशानी से जूझना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश में कचरे का निस्तारण न कराया गया तो संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बना हुआ है। केस तीन: राष्ट्रीय राजमार्ग सलोन-जायस सड़क किनारे नगर पंचायत के कर्मचारी कूड़ा फेंक रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सावन चल रहा है। इस राह से सैकड़ों कावड़ यात्री जल ले कर भगवान शिव को जलाभिषेक करने के लिए जाते हैं। कचरे से उठ रही दुर्गंध से शिव भक्त जूझना पड़ रहा है। यहां लगे कचरे के ढेर जिला मुख्यालय को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग पर विद्युत उपकेंद्र के पास लगे कूड़े के ढेर लगा हुआ है। उधर यही हाल अठेहा रोड का भी है। स्थानीय लोगों ने कई बार कचरे काे हटवाने के लिए नगर पंचायत से मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। विद्युत उपकेंद्र के जेई राजेश कुमार ने बताया कि नगर पंचायत कर्मी उपकेंद्र के सामने सड़क किनारे कचरा डाल रहे हैं। दुर्गंध से सांस लेने में परेशानी हो रही है। ईओ निमिषा भारद्वाज का कहना है कि सड़क के किनारे डाले जा रहे कचरे को लेकर कचरा निस्तारण करने के लिए नामित फर्म के संचालक से बात कर इस समस्या का निदान जल्द कराया जाएगा।

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