रायबरेली अपर निदेशक (चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) डॉ. जीपी गुप्ता ने रविवार की सुबह जिला अस्पताल की इमरजेंसी में छापा मारा। इस दौरान जिला अस्पताल में बाहर की दवा लिखने का खेल उजागर हो गया। एडी को डस्टबिन में बाजार से मंगवाए गए महंगे इंजेक्शन पड़े मिले। इसके साथ ही कई मरीजों के पास भी 700 से लेकर 800 रुपये तक के महंगे इजेक्शन मिले। इस पर अपर निदेशक ने संबंधित डॉक्टरों व स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस संबंध में शासन को पत्र भेजते ही अस्पताल प्रशासन के कारनामे की शिकायत की है। वहीं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को भी नोटिस देकर जवाब मांगा है। रविवार की सुबह अपर निदेशक जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंच गए। किसी को उनके आने की भनक तक नहीं लगी। उन्होंने इमरजेंसी कक्ष में पहुंचकर जांच शुरू कर दी। डस्टबिन को खोलकर देखा तो उसमें बाजार के महंंगे इंजेक्शनों की शीशियां मिलीं। पूछताछ शुरू करने के बाद स्टाफ को अपर निदेशक के आने की जानकारी हुई। इससे अफरातफरी मच गई। एडी ने कई मरीजों के पास भी महंगे इंजेक्शन बरामद किए। इन इंजेक्शनों को मरीजों में लगवाने के लिए बाजार से मंगवाया गया था। डस्टबिन से 30 से 35 महंगे इंजेक्शन बरामद किए। एडी ने भदोखर क्षेत्र के मधुपुरी निवासी बाबूलाल के पास से 365 रुपये और महराजगंज के माेन गांव की प्रेमा देवी के पास से 650 रुपये का महंगा इंजेक्शन बरामद किया। उन्हाेंने इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों व अन्य स्टाफ से पूछताछ की। उन्होंने मामले में कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा है। सीएमएस को नोटिस देकर तत्काल जवाब देने के आदेश दिए हैं।