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VIDEO: रायबरेली: बेकाबू ट्रक ने किसान को रौंदा, ग्रामीणों ने मार्ग किया जाम

बेकाबू ट्रक ने मंगलवार बंद पड़े ढाबा जा रहे किसान को रौंद दिया। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे से परिजन व ग्रामीण आक्रोशित हो गए। सभी ने ऊंचगांव-भोजपुर मार्ग जाम कर दिया। साथ ही लोक निर्माण विभाग के अफसरों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सभी का आरोप था कि सडक़ चौड़़ीकरण और मरम्मत का कार्य न होने के चलते आए दिन हादसे हो रहे हैं। विभागीय अफसर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों की मांग को जल्द पूरा कराने के आश्वासन पर लोगों ने जाम खोला। छह घंटे तक मार्ग पूरी तरह जाम रहा। आवागमन बंद होने से मुसाफिरों को परेशानी झेलनी पड़ी। सरेनी थाना क्षेत्र के चंद्रमणिखेड़ा निवासी ओमप्रकाश मिश्रा (54) पुत्र स्व. दयाशंकर मिश्र खेती करते थे। गांव के पास काफी समय पहले ढाबा खोला था, लेकिन इस समय ढाबा बंद था। सुबह उठने पर हर दिन ओम प्रकाश बंद पड़े ढाबा जाते थे। सुबह करीब छह बजे ओम प्रकाश पैदल ढाबा जा रहे थे। ऊंचगांव से भोजपुर की तरफ जा रहे ट्रक ने ओम प्रकाश को टक्कर मार दिया। इससे ओम प्रकाश सडक़ पर गिर गए और ट्रक के पहिये के चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। हादसे की जानकारी से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सभी ने मार्ग जाम करके पीडब्ल्यूडी के अफसरों के खिलाफ हंगामा करने लगे। पहले सरेनी थाना प्रभारी रमेशचंद्र यादव और फिर सीओ लालगंज गिरजाशंकर त्रिपाठी ने पहुंचकर जाम खोलवाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण शांत नहीं हुए। बाद में पूर्व विधायक सुरेंद्र बहादुर सिंह मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने पूर्व विधायक से पीडब्ल्यूडी के अफसरों को मौके पर बुलाकर सडक़ का चौड़ीकरण और मरम्मत कार्य कराने की मांग की। कहा कि खस्ताहाल सडक़ के चलते हादसे हो रहे हैं, जिसमें लोगों की मौतेंं हो रही हैं। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता ने मौके पर पहुंचकर बुधवार से सडक़ मरम्मत का कार्य शुरू कराने का भरोसा दिया। इस पर करीब दो बजे ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि ट्रक को कब्जे में लेकर चालक-क्लीनर को हिरासत में लिया गया है। तहरीर मिलने पर केस दर्ज किया जाएगा। पांच भाइयों में सबसे छोटे थे ओम प्रकाश सडक़ हादसे में ओम प्रकाश की मौत ने परिजनों को रुला दिया है। किसी के आंसू नहीं थम रहे हैं। पांच भाइयों में ओम प्रकाश सबसे छोटे थे। उनकी शादी हुई थी, लेकिन कुछ दिन बाद उनकी अनबन हो गई थी। वह अकेले घर बनाकर गांव में रहते थे। खेती करके रोजी-रोटी का इंतजाम करते थे। ओम प्रकाश की मौत से भाई आनंद प्रकाश, सुनीलचंद्र मिश्रा, चंद्रकुमार मिश्रा, सुशीलचंद्र गमगीन हैं। कहते हैं कि यह सब कैसे हो गया।

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